Sunday, December 12, 2010

बाघ संरक्षण का प्रोग्राम बनाम आधिकार को छिनना

"बाघ संरक्षण का प्रोग्राम बनाम आधिकार को छिनना" किसी को लगे या ना लगे मुझे तो लगता है इसमें सिवनी  जिले के बासिंदों का कोई ना कोई नुकसान जरुर है  सदी के महानायक का लगातार  ५०-५५ घंटो का  प्रवास  जिले में  और  द्रश्य मीडिया में १२ घंटो का जीवंत कार्यक्रम उसमे  लगातार  दुसरे  प्रदेशो के नॅशनल पार्को से विसेषगयो की राय ली जाना और दुसरे ही  प्रदेशो के   वनकर्मीयो  को सम्मानित किया जाना क्या, परिचर्चा मे  स्थानीय निवासियों  को शामिल ना किया जाना निश्चित ही किसी सुनियोजित साजिश को इंगित करता है जिस कार्यक्रम  में पार्को  के  आसपास से जुड़े ग्रामीणों और देश की आमजनता को ये ही पता ना पड़े की किस बात में चर्चा हो रही है तो ये चर्चा ही व्यर्थ  है मेरा यह कहना का अभिप्राय है की यह १२ घंटो की मेराथान परिचर्चा यदि ५०% भी मातर्भाषा में   की गई होती तो इसका प्रभाव कुछ और होता,मेरे अल्प ज्ञान के  अनुसार देश के  नॅशनल पार्को  के आसपास रह रहे ग्रामीणों में से ८०% केवल देश की मात्रभाषा यानी हिंदी  को जानते है तो फिर इस १२ घंटो की मेराथान परिचर्चा  से किसको क्या फायदा पंहुचा ये  सोचना लाजमी है , क्या जिस कार्यक्रम में  "बिग बी" ने जिले के पेंच नेशनल पार्क  के बाहर बने होटल  से शिरकत की है  क्या  उस सेट  को    मुंबई जैसी महानगरी में नहीं बनाया जा सकता था  क्या निजी चेनल   की इस    १२ घंटो की मेराथान परिचर्चा का मकसद केवल सिवनी के पेंच नॅशनल पार्क के नाम को सामने लाना था या इसके पीछे और कोई साजिश है,............कर्मशा:                                  " ये मेरे निजी विचार है"            

Tuesday, August 17, 2010

जागो कब तक खुम्भ्करण बने रहोगे

  जागो कब तक  कुम्भकरण  बने रहोगे. मुझे  तो लगता है  की  सिवनी  जिले के निवासी समझ ही गए होंगे ये बात यहाँ  पर किस लिए लिखी गई है. संसद सीट दे दिए , संभाग तो बनेगा नहीं, यह तय है  कोई बात नहीं सिवनी के निवासी है ही दानवीर कर्ण लेकिन क्या कोई अपने पुरखो की सम्पति को दान में दे देता है शायद नहीं  ......?
                                मुद्दे की बात है की देश  को गुलाम बना कर, आज़ादी  और  गुलामी का फर्क समझाने वाले विदेशियों से जब हम आज़ादी पा सकते तो यहाँ  तो हमे अपनों को ही  ये बताना है की आखिर सिवनी जिले के वाशिंदों  के लिए  4way   का क्या महत्त्व  है. और इसके लिए जिले के १-१ नागरिक को अपना कर्तव्य समझना होगा . ये लड़ाई महज कुछ लोगो या किसी संघठन  की नहीं बल्कि सभी  उन  सभी जिले के नागरिको  की है जो अपने भविष्य को कुछ दे कर जाना चाहते है. 
                                                                                 ............................क्रमश: 1